50 साल का बिना ब्याज वाला लोन… किस स्कीम के तहत किसे बांटे गए ₹31005 करोड़? निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब.
50 साल का बिना ब्याज वाला लोन… किस स्कीम के तहत किसे बांटे गए ₹31005 करोड़? निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब
किस स्कीम के तहत किसे बांटे गए ₹31005 करोड़? निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब.
नई दिल्ली| केंद्र सरकार की एक योजना है- स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेन्ट (SASCI)। इसके तहत केंद्र सरकार राज्य सरकारों को 50 साल के लिए बिना किसी ब्याज के लोन (50-Year Interest Free Loan) देती है। इस योजना का मुख्य मकसद राज्यों को अपने यहां बड़े विकास कार्य- जैसे सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल या इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए पैसे की कमी न होने देना है। इसे लेकर संसद में सवाल पूछा गया। लोकसभा में वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिधुन रेड्डी (YSRCP MP PV Midhun Reddy) ने सरकार से पूछा कि

“आंध्र प्रदेश को SASCI के तहत अब तक कितना पैसा मिला है, क्या केंद्र की शर्तों की वजह से फंड जारी होने में देरी हुई, क्या अमरावती की राजधानी परियोजना के लिए कोई अलग राशि तय की गई है और राज्य के 2014 के विभाजन के बाद पैदा हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र क्या अतिरिक्त मदद देने पर विचार कर रहा है।”
निर्मला सीतारमण ने क्या दिया जवाब?
इस सवाल का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने दिया। उन्होंने सोमवार को लोकसभा में बताया कि आंध्र प्रदेश को केंद्र सरकार की SASCI योजना के तहत अब तक 50 साल की अवधि वाले ब्याज मुक्त पूंजीगत ऋण के रूप में 31,005.47 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि
वर्ष 2020-21 से 1 अगस्त 2026 तक आंध्र प्रदेश को कुल 31,005.47 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 8,289.61 करोड़ रुपए 2025-26 में और 7,901.56 करोड़ रुपये 2024-25 में दिए गए। वहीं 2026-27 में 1 अगस्त तक 3,428.14 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।"
देरी के सवाल पर वित्त मंत्री ने साफ कहा कि SASCI योजना के तहत ऋण राज्य सरकार के प्रस्ताव मिलने के बाद जारी किया जाता है। यदि प्रस्ताव सभी दिशा-निर्देशों के अनुरूप और पूरी तरह सही होता है तो फंड बिना अनावश्यक देरी के जारी कर दिया जाता है।
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अमरावती के सवाल पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण?
अमरावती के लिए अलग फंड तय करने के सवाल पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना में अमरावती राजधानी निर्माण के लिए कोई अलग राशि निर्धारित नहीं की गई है। हालांकि राज्य सरकार चाहे तो उसे मिले आवंटन के भीतर अमरावती समेत किसी भी पूंजीगत परियोजना का प्रस्ताव भेज सकती है।
राज्य के विभाजन के बाद हुए वित्तीय नुकसान पर सरकार ने बताया कि 2014-15 का पूरा ऑडिटेड राजस्व घाटा 16,078.76 करोड़ रुपए पहले ही आंध्र प्रदेश को जारी किया जा चुका है। इसके अलावा 14वें वित्त आयोग की सिफारिश पर 22,112 करोड़ रुपए और 15वें वित्त आयोग की सिफारिश पर 36,394 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा अनुदान भी राज्य को पूरी तरह जारी किया जा चुका है।
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